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हृदय में हर्ष है …

प्रणाम !

 

वीर विभु के केवलज्ञान कल्याणक से शुरू हुई इस ज्ञानयात्रा का सबने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रथम Knowledge Book का सबने हृदय से स्वीकार किया, इस बात का हमें अन्तर्मन से अपार आनन्द है।

 

प्रथम Knowledge Book के लेखों से वाचक वर्ग अत्यन्त आश्चर्यचकित हुआ, और आने वाले अंकों की लेखमालाओं से भी वाचकों को आश्चर्य के साथ आनन्द प्राप्त होगा, इसका हमें पूर्ण विश्वास है।

 

इस Knowledge Book में करूणा और कोरोना, माँ और महावीर, श्रमणी और श्राविका के विषयों के बोधपूर्ण लेख दिए गए हैं।

 

आप स्वयं पढ़ें, दूसरों को पढ़ाएँ और सबको पढ़ने के लिए प्रेरित करें।

 

आपके रचनात्मक सुझाव भी आमन्त्रित हैं।

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