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The Faithbook Blog

A Mind Peace is Heaven
एक स्त्री अत्यंत क्रोधी स्वभाव वाली थी। दिन और रात, घर में और बाहर हर जगह गुस्सा करती थी। अपनी सास पर, ससुर पर, पति पर, बच्चों पर, नौकरों...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 19, 20232 min read
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ऐसी दशा हो भगवन्!
एक नौजवान नाविक की नाव में एक श्रीमंत सेठ सफर कर रहे थे। जब नाव बीच मझधार में पहुँची, तो भयंकर तूफान आया। नाव आकाश में हवा में उछलने लगी।...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 19, 20233 min read
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Secret Of Happiness
एक सप्ताह पहले ही शादी किया हुआ एक युवक एक ज्योतिषी के पास गया, और अपनी कुंडली बताकर पूछने लगा कि, “मेरा वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा?” कुंडली...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 13, 20233 min read
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अतिथि देवो भव
छगनभाई के घर के आंगन में मधुमक्खी का छत्ता लगा हुआ देखकर मगनभाई ने कहा, ‘भाई! आपके तो आंगन में ही मधुमक्खी का छत्ता है, तो आपको तो मुफ्त...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 12, 20233 min read
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पैसा याँ बुद्धि
एक बार टीचरने चिंटू को पूछा, “बोल! 1) पैसा, और 2) बुद्धि, इन दोनों में से यदि तुझे कोई एक चीज पसंद करके लेनी हो, तो तू कौन सी चीज लेगा?”...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 9, 20232 min read
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यात्रा Accept से Respect की ओर
एक रशियन तत्त्वचिंतक, जो बुद्धि से ज्यादा हृदय को प्रधानता देता था, ज्ञान के फलस्वरूप प्रसन्नता का हर पल वह अपने जीवन में अनुभव करता था।...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Dec 12, 20213 min read
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देव कौन और नारकी कौन?
एक पौराणिक कथा है; एक बार नरक के जीवों ने ईश्वर से शिकायत की, “आप पक्षपात करते हैं। देवों को आनंद और सुख देते हैं, और हमें दुख, त्रास और...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Dec 6, 20213 min read
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अलग दृष्टिकोण
गाँव में एक बाँसुरी बेचने वाला बाँसुरी की सुरीली तान बजाता-बजाता गलियों में घूम रहा था। एक बालक ने मम्मी से जिद की, ‘मम्मी ! मुझे भी...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
May 19, 20212 min read
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Herbs of winning heart
A woman living in a woods did not have very good relations with her husband. She always felt that her husband does not love her. She went...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 18, 20213 min read
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The one who was fed, is grinding us.
In the morning when the husband was getting ready and going out of the house, his wife from inside, kept saffron, almond and pistachio...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 18, 20212 min read
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दिव्य प्रेम
एक गाँव में एक छोटा-सा बालक अपनी विधवा और गरीब माँ के साथ रहता था। एक बार निकट के गाँव में मेला लगा हुआ था। बालक की मेले में जाने की...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 15, 20212 min read
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कर भला तो हो भला।
प्रत्येक जीव में अपनी आत्मा का दर्शन करने वाला व्यक्ति दूसरों के दुःख में किस हद तक विचलित हो सकता है, इसका 150 वर्ष पूर्व का एक प्रसंग...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20212 min read
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घर में किसे आमंत्रण देना है? समृद्धि? सफलता? या स्नेह?
तीन लोग एक गाँव में दाखिल हुए। उन्होंने गाँव में प्रवेश करते ही जो पहला घर आया, उसके आंगन में खड़े होकर आवाज लगायी। सज्जन जैसे दिखने वाले...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20212 min read
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कुर्सी या खुशी ?
“पप्पा ! मुझे नए कपड़े दिलाओ ना! कल दिवाली है। मेरी सभी सखियाँ दो दिन से नए-नए कपड़े पहनकर घूम रही हैं। मुझे पुराने कपड़े पहनकर जाने में...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20213 min read
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दिल जीतने की जड़ी-बूटी
जंगली विस्तार में रहने वाली एक स्त्री के अपने पति के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं थे। उसे हमेशा ऐसा ही लगता था कि उसका पति उसे प्रेम नहीं...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 11, 20213 min read
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शत्रु भी सुखी बने
“शत्रुजनाः सुखिनः समे” नेल्सन मंड़ेला साउथ आफ्रिका के सिवील राईट्स के लिए व्हाईट रेजीन ‘पी.डबल्यु ओथा’ कि जो साउथ आफ्रिका के प्रेसीडेन्ट...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Apr 10, 20213 min read
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जिसको पुष्ट किया, वो ही हमें पीस रहा हैं ।
सुबह पति जब तैयार होकर घर से बहार निकल रहा था, तब अंदर से उनकी श्रीमतीजी (पत्नी) आयी, उनके हाथ में केशर-बादाम-पिस्तावाला दूध रखा और पत्नी...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Nov 11, 20202 min read
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अमीर महान या सज्जन ?
एक बार चार युवक महान फिलोसोफर सॉक्रेटिस से मिलने गए। उनके साथ थोड़ी बात करने के बाद सॉक्रेटिस ने उनको पूछा : आपको भविष्य में क्या बनने की...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20202 min read
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संवत्सरी प्रतिक्रमण – भाव प्रतिक्रमण
एक महिला टैक्सी में बैठी, ड्राइवर को गंतव्य स्थान बताया, टैक्सी उस स्थान पर पहुँची तो महिला ने किराया पूछा। टैक्सी वाला बोला, ‘50 रूपया’।...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Sep 23, 20204 min read
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संताप – समझौता – सौभाग्य
एक मंदिर का निर्माण कार्य शुरू था। किसी ने मजदूर को पूछा “तु क्या कर रहा है?“ उसने कहा “पत्थर फोड़ने की मजदूरी कर रहा हूँ“ दूसरे मजदुर से...
Muni Shri Krupashekhar Vijayji Maharaj Saheb
Jul 13, 20202 min read
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