(अमरदत्त और रत्नमंजरी के शादी के पश्चात राजपुरोहित के पास सेनाधिपति आए और राजा के अकाल मरण के दु:खद समाचार दिए। आगे क्या होता है पढ़िए।)   कोयल के कंठ से निकलते मधुर संगीत के जैसे शब्दों का संगीत पूरी प्रजा के मुँह से निकल रहा था।   ‘क्या...

गाँव में एक बाँसुरी बेचने वाला बाँसुरी की सुरीली तान बजाता-बजाता गलियों में घूम रहा था। एक बालक ने मम्मी से जिद की, ‘मम्मी ! मुझे भी बाँसुरी चाहिए।’ मम्मी ने 10 रू. की बाँसुरी खरीद ली। बालक ने बाँसुरी बजायी पर सुर अच्छा नहीं...

नमस्ते मित्रों !   कोरोना नाम के राक्षस ने वापस अपना सिर उठाया है। फिर पूरे देश में कोहराम मच गया है। जो परिस्थिति विषम है, उसमें मीडिया पेट्रोल छिड़कने का काम करता है और सब कुछ ज्यादा ही मुश्किल बनता जा रहा है। डर से सहमा...

!! अथ श्री गोडी पार्श्वनाथजी की कथा !!   अखिल विश्व में 23 वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का प्रभाव अतिशय प्रख्यात है।   प्रायः ऐसा कोई जिनालय नहीं होगा कि जिसमें पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमाजी प्रतिष्ठित न हो, साथ ही ऐसा कोई जैन श्रावक का घर नहीं होगा...

99.50% = Fail   शायद हमारी बहुत गाथाएँ कंठस्थ ना हो सके, अट्ठाई हो ही ना सके, बहुत दान ना दे सकें, फिर भी हमारा मोक्ष हो सकता है। लेकिन संघ के प्रति के अहोभाव के बारे में हमारे यदि 99.50 मार्क्स भी आ जाएँ, फिर भी...

भारत देश में रहने वाले लोगों को आज तक ऐसा लग रहा था कि, हम प्रजा हैं और राजा हमारे सुखों के लिए प्रतिबद्ध है।   राजा वह होता है, जो प्रजा को प्रसन्न रखने के लिए प्रयत्नशील होता है। प्रजा को सुखी देखना चाहता है वह...

माता से अलग होना अगर भौतिक जन्म है, तो शरीर से अलग होना आध्यात्मिक जन्म है।    अलग हुए बिना जन्म नहीं होता, प्रभु गर्भ में थे तो माता के साथ जुड़े हुए थे, जुड़ाव हटा, और जन्म हुआ ! स्वतंत्रता छूटने से ही तो आती है।    और माँ वो है जो...

इस भव में लोन या ब्याज कुछ भी वापस नहीं करना है, लेकिन परलोक में आना, पाई, ब्याज, सिक्के समेत चुकाना पड़ेगा। ऐसा करार करने वालों को बिना कोई जान-पहचान के भी लाखों रुपये की लोन देने वाले आस्तिक सेठ से चार चोरों ने लाख-लाख...

एक व्यक्ति डॉक्टर के पास दिखाने के लिए गया। डॉक्टर ने उसका Full body check-up किया और कहा कि आपके शरीर का हर अंग Check करके मुझे ऐसा लगता है कि:    मस्तक : आपका मस्तक बराबर है, कोई माइग्रेन या हेमरेज नहीं है, उसका कोई लक्षण...

(नगर में फैली हुई “मारी” वह दूसरी कोई नहीं मगर खुद की बेटी राजकुमारी रत्नमंजरी है, ऐसी शंका राजा के मन-मस्तिष्क में जब हो चुकी थी। तब इस शंका के समाधान के लिए राजा अब क्या करते हैं? पढ़िए। )   नदी में बहते हुए पानी की...

एक गाँव में एक छोटा-सा बालक अपनी विधवा और गरीब माँ के साथ रहता था। एक बार निकट के गाँव में मेला लगा हुआ था। बालक की मेले में जाने की बहुत इच्छा थी। माता ने मजदूरी करके, और बचत की हुई रकम में से 2 रुपये...

Hello Friends,   आज हमें बड़े ही पेचीदे मामले पर वार्तालाप करने जा रहे हैं।   भगवान बनने की यात्रा पर निकले हैं हम, और हमारा अगला, यानी बारहवां पड़ाव है ब्रह्मचर्य।   शब्दों का उच्चारण तो भारी है ही, साथ ही इसके आचरण में अच्छे-अच्छों के पानी उतर जाते हैं।   आज...

“Power of Unity” की लेखमाला में हमने इसके पहले के लेखों में ‘UNITY’ के ‘UNIT’ तक के portion को समझ लिया था, जो इस प्रकार था:   U = Understanding N = No Negatives I = Involvement T = Transparency   और आज हम बात करेंगे ‘UNITY’ के अन्तिम लैटर ‘Y’ की...

श्रावक   श्रावक मतलब क्याँ? जिसके लिए 'जैन' बेटा बन गया और बेटा जैन बन गया हो उसका नाम श्रावक।   'जैन' मात्र बेटा बन जाये यानी परम स्वजन बन जाये। सारे वाद-विवाद-फसाद-अहं आदि का अंत हो जाए। बेटा जैन बन जाए तो पुत्र भी परिवार का पोषण भी पुत्रादि...

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने अभी-अभी बड़ी घोषणा कर डाली, ‘शीघ्र ही देश के सारे टोल-बूथ हटा दिए जाएंगे। भविष्य में टोल-बूथ का स्थान जीपीएस लेगा। आपकी यात्रा के किलोमीटर के अनुपात में टोल स्वत: ही कटता जाएगा।‘   इस घोषणा के खिलाफ राजस्थान पत्रिका...

प्रभु महावीर माता त्रिशला रानी के गर्भावास से, शरीर से  पूर्ण निष्पन्न होकर निष्क्रमण प्राप्त करने को हैं, जन्म होने को है...

आज से 100 वर्ष पूर्व कलिकाल सर्वज्ञ श्री हेमचंद्राचार्य हुए थे। उन्होंने त्रिषष्टि-शलाकापुरुष चरित्र के आठवें पर्व में 22वें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान का तथा श्री कृष्ण का जीवनचरित्र लिखा। उस ग्रंथ में उन्होंने पांड़वो का भी वर्णन किया है। जैन मत के अनुसार परमात्मा...

जिसे जितनी लोन चाहिए उतनी ले जाइये, किसी भी पहचान पत्र या दस्तावेज आदि की जरूरत नहीं है। इस भव में ना तो रकम वापस करनी है, ना ही ब्याज देना है; लेकिन पर (दूसरे) भव में पठानी ब्याज के साथ सब कुछ भरपाई कर...

(नगर में फैली हुई “मारी” वह दूसरी कोई नहीं मगर खुद की बेटी राजकुमारी रत्नमंजरी है, ऐसी शंका राजा के मन-मस्तिष्क में जब हो चुकी थी। तब इस शंका के समाधान के लिए राजा अब क्या करते हैं? पढ़िए। )   चंदन जैसा शीतल पवन खंड के...

प्रत्येक जीव में अपनी आत्मा का दर्शन करने वाला व्यक्ति दूसरों के दुःख में किस हद तक विचलित हो सकता है, इसका 150 वर्ष पूर्व का एक प्रसंग जानने को मिला –   कच्छ-वागड़ में भरूड़ीया गाँव में रहने वाले एक श्रावक के घर के पास एक...

नमस्ते मित्रों !   ≈ आप विद्यार्थी हो, तो परीक्षा में पास होना आपके लिए बहुत बड़ा चेलेन्ज है?  ≈ आप बिज़नेस मेन हो, आपके सामने कड़ी चुनौती है, टर्नओवर कैसे बढ़ाना?  ≈ आप डॉक्टर हो, तो मरीज़ को क्रिटीकल कंडीशन से बाहर लाना आपके सामने बड़ी चुनौती है?  ≈...

3 अक्षर   श्री भगवतीसूत्र की एक घटना है। भगवान महावीरस्वामी गौतमस्वामी को कहते हैं कि, “गौतम! अभी खंदक परिव्राजक यहाँ आयेगा।” प्रभु के यह वचन सुनकर गौतमस्वामी प्रभु की इजाजत लेकर खंदक परिव्राजक को लेने जाते हैं।   जो गौतम स्वामी के सीनियर मुनि नहीं है, जो मुनि...

गत अंक में हमने 5G नेटवर्क के दुष्परिणाम बतायें थे, मगर कईं लोगों को प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि, यदि इतने सारे दुष्परिणाम है तो सरकार पूरे देश में 5G नेटवर्क की जाल क्यों बनाना चाहती है? इससे सरकार को फायदा क्या है? और सबसे...

माता त्रिशला रानी ने जब चैत्र शुक्ल त्रयोदशी की रात्रि में प्रभु के पार्थिव पिंड को जन्म दिया, उससे पूर्व प्रभु ने जन्मातीत तत्त्व को प्राप्त कर लिया था।    पराई चीजों को आधार बनाकर खड़े होने वाले अहंकार से पार हो चुके प्रभु, अस्तित्व के सारभूत...

मैं कृष्ण हूँ। मैं महाभारत के युद्ध का महासूत्रधार था, रामायण के राम की तरह ही उस समय मैंने सबसे सफल योद्धा के रूप में काम किया। परंतु मुझे पता था कि सेना को एक अच्छे योद्धा की नहीं पर अच्छे मार्गदर्शक की जरूरत है।   राम...

पिछले लेख में हम अनीति को टालने की बातों के बारे में सोच रहे थे। अनीति के विषय में एक अन्यधर्मी मेगेज़ीन में पढ़ी हुई कथा याद आ रही है।   एक अरबोंपति-खरबोंपति धनाढ्य श्रीमंत था। पूरा आस्तिक था। पुण्य, पाप, परलोक आदि सभी में दृढ़ श्रद्धावान...

( राजकुमारी रत्नमंजरी के हाथों में पत्र सौंपकर मित्रानंद पुनः वेश्या के घर लौट आया और तत्पश्चात आगे क्या होता है पढ़िए)   चढ़ा हुआ मुंह लेकर राजद्वार का द्वारपाल राजा की सभा में दाखिल हुआ।   "क्या समाचार है द्वारपाल? क्यों इस तरह मुंह लटकाकर खड़ा है?" राजा...

तीन लोग एक गाँव में दाखिल हुए। उन्होंने गाँव में प्रवेश करते ही जो पहला घर आया, उसके आंगन में खड़े होकर आवाज लगायी। सज्जन जैसे दिखने वाले उन तीन लोगों की आवाज को सुनकर एक स्त्री बाहर आयी। उसने उनका स्वागत किया और कहा...

Hello Friends!   अरिहंत बनने के बीस कदमों की बात हम कर रहे है। यूं देखे तो अरिहंत बनना बहुत मुश्किल है, और यूं देखे तो अरिहंत बनना बड़ा ही आसान है।   आज हम ऐसे पड़ाव के बारे में जानेंगे, जो हमें अरिहंत बना सकता है, वह है...

अनन्त भवों में भटकते हुए एकत्रित की गई पुण्यराशि के प्रभाव से हमें लोकोत्तर जिनशासन की प्राप्ति हुई है।   इस अद्भुत जिनशासन की प्राप्ति होने के पश्चात् भी जीव शासन को सफल करने हेतु पुरुषार्थ नहीं करता, तथा मोहराजा के वशीभूत होकर शासन को ही गलत...

स्वामित्वाभिमान   जिसमें कुछ पाने की वृत्ति है, या पा लेने का गुमान है।    मैं आपको पूछता हूँ - संघ की सेवा करके हमें चाहिये क्या? नाम, पद, प्रशंसा, वाहवाही, हार-तोरे? यदि हाँ, तो इसका मतलब यह हुआ कि हमें चंदन को जलाकर राख चाहिये। वस्तुपाल जीवन के...

गत अंक में हमने इसी मंच से ऐलान किया था कि, आने वाला कल बहुत ही खतरनाक होने जा रहा है, जिसमें हमारा विकास के पीछे का पागलपन जिम्मेदार होगा।   आज इसी बात की जरा विस्तार से चर्चा कर लेते है। रिलायन्स ने कुछ दिनों पूर्व...

द्रोणाचार्य की पाठशाला में अलग-अलग राजकुमारों ने युद्धकला आदि अनेक प्रकार की विद्याएँ प्राप्त की थी। अमुक्त और करमुक्त ऐसे शस्त्रों की कला सभी राजकुमारों ने सीखी थी। भीम और दुर्योधन गदा युद्ध में प्रवीण हुए थे। महापराक्रमी अर्जुन अस्त्र और शस्त्र के उपरांत राधावेध...

पिछले लेख के अंतर्गत आखिर में यह प्रश्न किया गया था कि नौकरी करने वालों के लिए नीति और प्रामाणिकता क्या होती है?   इसका उत्तर यह है कि उसको धन की चोरी, समय की चोरी, काम चोरी, दिल चोरी और जानकारी (Data) की चोरी, आदि इस...

कुटीर के भीतर की दुनिया को उज्ज्वलित करने की हिम्मत जब चाँद सितारों ने ना दिखाई, सूरज का तेज भी जब गुफाओं और खंडहरों में ना पहुँच सका, तब मिट्टी के छोटे से दिये के कलेजे में समर्पण का भाव जाग उठा।    उसने कहा, मुझे थोड़ी...

(मित्र अमरदत्त की स्वप्नसुंदरी रत्नमंजरी के पास पहुंचने के लिए मित्रानन्द ने अक्का के पास से राजमहल का नक्शा लिया और पूरी जानकारी भी ली। फिर आगे क्या होता है पढ़िए…)   “नामदार! मेरी बेटी ने आपका संदेशा पहुंचा कर अपना उत्तरदायित्व पूरा किया है। मैंने आपको...

"पप्पा ! मुझे नए कपड़े दिलाओ ना! कल दिवाली है। मेरी सभी सखियाँ दो दिन से नए-नए कपड़े पहनकर घूम रही हैं। मुझे पुराने कपड़े पहनकर जाने में शर्म आती है। मुझे नए कपड़े चाहिए। चाहिए मतलब चाहिए ही...

Hello Friends!   परमात्मा बनने की सफ़र में हम अग्रसर हैं। आज एक बहुत महत्त्वपूर्ण पद पर हम विचार करेंगे। आज का हमारा पद है - ‘श्री विनय पद।’   विनय एक श्रेष्ठ आलंबन है। इसी आलंबन के जरिए तीर्थंकर नामकर्म का बंध हो पाता है। गौतम स्वामी जी...

एक गिलास में थोड़ा पानी डालकर गुरु ने दो शिष्यों को बुलाया, और पूछा कि इसमें क्या दिखता है? एक शिष्य ने कहाँ, 'गुरुजी! यह गिलास आधा खाली है।'  दूसरे शिष्य ने उत्तर दिया, 'गुरुजी! यह गिलास आधा भरा हुआ!'    यह प्रसंग तो अत्यंत प्रसिद्ध है, पर :   "Unity"...

  संघ संवेदना   परम पावन श्री भगवतीसूत्र में एक घटना का वर्णन है। चमरेन्द्र के अपराधी सिद्ध होने के कारण सौधर्मेन्द्र ने उन पर वज्र छोड़ा। बाद में ख्याल आया कि वे तो भगवान की शरण में थे। प्रभु के शरणागत पर वज्र छोड़ा, इसके पश्चात्ताप के...

[यह लेख किसी राजेश जी आर्य ने लिखा हुआ है और अंग्रेजी भाषा में डॉ. बिश्वरूप रॉय चौधरी की ऑनलाइन मैग्जीन में छपा है, मगर सांप्रत कालीन वैक्सीन के बारे में सटीक जानकारी प्रदान कर रहा है, अतः हम इसका हिंदी अनुवाद करके यहाँ प्रस्तुत...

माता के गर्भ से निष्क्रमण होना जन्म कहलाता है, पर चेतना का शरीर में से निष्क्रमण होना   जागरण कहलाता है। जन्म से पूर्व ही जागरण की धारा में ज्योतिर्मय हो चुके थे प्रभु….।   जब शरीर के निर्माण की विश्व के समक्ष प्रस्तुति हो, उस घटना को लोग जन्म कहते हैं।  और...

महाभारत के पात्रों में नेत्रदीपक पात्रों के रूप में विपुल प्रेरणा देने वाले पात्रों के रूप में पहले श्रीकृष्ण आते हैं, तो लगभग उनकी बराबरी में मेरा नंबर लगता है। बहुत सारी चीजों में मैं अर्जुन से भी बहुत बढ़कर (सवाया) था।    किसी भी कार्य के...

हमने पिछले लेख में देखा था कि कोई भी व्यक्ति, वस्तु या प्रवृत्ति जीव को सुख नहीं दे सकती, ना ही दे रही है, बल्कि जीव का खुद का रस ही खुद को सुख देता है।   मंदोदरी ने रावण को स्वर्ग जैसा सुख ही दिया था,...

(सोपारक नगर में रात भर जाग के मृतक की रक्षा की। नगर को मारी से बचाया। सेठ ने कहा था कि यदि तू रात भर जागकर मृतक की रक्षा करेगा तो तुझे  1000 दीनार दिया जाएगा। किंतु  500 दीनार देने के बाद आगे के दीनार...

जंगली विस्तार में रहने वाली एक स्त्री के अपने पति के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं थे। उसे हमेशा ऐसा ही लगता था कि उसका पति उसे प्रेम नहीं करता है। वह एक दिन जंगल में रहने वाले एक संन्यासी के पास गई और संन्यासी...

नमस्ते मित्रों !   C.A को किसी पेशन्ट का हार्ट का ऑपरेशन करने का कहो, वह मना कर देगा, डॉक्टर को किसी मल्टीनेशनल कंपनी का रीटर्न क्लीयर करने को कहो, वह ना कह देगा...

किसी एक आश्रम में गुरुजी के दो शिष्य थे। दोनों शिष्यों के मन में एक-दूसरे के लिए अत्यन्त ईर्ष्या-भाव था। छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों झगड़ते रहते थे। एक दिन गुरुजी ने दोनों के झगड़े का हमेशा के लिए निवारण लाने हेतु सभी कामों का...

संघत्याग   सुमितभाई होस्पिटलाईज्ड हुए। उनका मित्र खबर पूछने गया। तबियत पूछी, लगभग कुछ भी अच्छा नहीं था। तीन फ्रेक्चर, बुखार, उल्टी, पीड़ा, दवाओं की साइड इफेक्ट्स, इत्यादि। मित्र सरफिरा था, बोला "तुझे शरीर इतना परेशान करता है! कितना बुरा है तेरा शरीर! फोकट तू इस शरीर...

विगत दो लेखों से लगातार हम Online के दुष्परिणामों को बताते आ रहे है। उसी कड़ी में आज, इस Online के और एक खतरनाक पहलू की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहेंगे।   (आपको जानकर आश्चर्य होगा कि, हमने दूसरे पार्ट में जिन व्यसनों के बारे में...

प्रभु गर्भ में भी पूर्णजागृत थे। गर्भ सृजन का स्थान है, सृजन शरीर का होता है।   प्रभु सृजन से परे हैं।   जो नजदीक है, इतना पास कि आप उसे पास भी नहीं कह पायेंगे, कह देंगे की यह तो मैं ही हूँ, इतना पास,  पास से परे होना ही जागृति...

आर्यावर्त के कांपिल्यपुर नगर में महाराजा द्रुपद राज्य करते थे। उनका युवराज पद पर आरूढ़ धुष्टद्युम्न नाम का पुत्र था। अद्वितीय रूप और गुणालंकृत द्रौपदी नाम की उनकी बहन थी। जब वह विवाह योग्य उम्र की हुई, तब निर्णय किया गया कि, भारतवर्ष का कोई...

पिछले लेख में हमने देखा कि जिसमें भारतीयों को बहुत आनंद आता है ऐसी क्रिकेट में अम-रीकनों को ऊब आती है। शक्कर को चखने वालों को चाहे भारतीय हो या चाहे अमरीकन हो...

  ( पाटलिपुत्र आने के बाद नगर के प्रवेश के पूर्व एक भव्य प्रासाद के खंभे पर चित्र में अंकित स्त्री को देखकर अमर अत्यंत मोहित हो गया और उसे पाने के लिए वियोगभाव से तड़प रहा था। तब अपने मित्र की इच्छा पूर्ण करें एवं...

"शत्रुजनाः सुखिनः समे”   नेल्सन मंड़ेला साउथ आफ्रिका के सिवील राईट्स के लिए व्हाईट रेजीन 'पी.डबल्यु ओथा' कि जो साउथ आफ्रिका के प्रेसीडेन्ट थे, उनके सामने अहिंसक लड़ाई चालू की। गांधीजी के जैसे 'फ्रीडम फाईटर' बने।   सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया। 10"x 10" से भी छोटी...

हेलो फ्रेन्ड्स !   अरिहंत बनने की यात्रा में हम अग्रेसर है।    संसार में कभी भी कोई भी व्यक्ति अपनी सफलता का रहस्य किसी को भी बताना नहीं चाहता। बल्कि वह उस राज़ को हमेशा छिपाने का प्रयास करता है। उसके पीछे एक यही कारण होता है, कि...

Relation   यह मेरा बेटा है, इस मुद्दे पर हम सब कुछ गौण करने को तैयार हैं। वो नवकार गिनता है, इस मुद्दे पर हम कुछ भी गौण करने को तैयार नहीं हैं। इसका अर्थ यह है कि बेटे के साथ हमारा पूरा रिलेशन है, पर नवकार...

वर्षों पहले आगरा में एक स्थान पर रुके थे। मंदिर जाने के लिए सुबह-सुबह बाहर निकले तो बाहर बैठा चौकीदार बड़ा उदास दिख रहा था। मुझे दया आ गई, सहजता से पूछा तो रोती सूरत में जवाब मिला, 'मेरा सब कुछ लुट गया।' रात भर...

मैं युधिष्ठिर पांच पाण्डवों और सौ कौरवों का सबसे ज्येष्ठ भ्राता हूँ। पुत्र के लक्षण पालणे में दिखाई दे जाते हैं। मेरा परिवार पुण्यशाली था और ऐसे परिवार में मेरे जैसे गुणवान का जन्म हुआ, मानो दूध में शक्कर मिली और शिखर पर ध्वजा खिली।...

एक बार के लिए मानिए कि आपकी वार्षिक आमदनी 10 लाख रूपये है, और पूरे वर्ष का कुल खर्च 8 लाख रूपये है। मतलब 2 लाख रूपये की शुद्ध बचत है। पिछले अनेक वर्षों से यही सिल-सिला चल रहा है। तो क्या आप मुझे बताएँगे,...

अनन्तज्ञानी तीर्थंकर श्री भगवान महावीर के द्वारा आज से 2576 वर्ष पूर्व जिनशासन की स्थापना की गई थी।   समय के प्रवाह में बहते-बहते इतने वर्षों के पश्चात् अपने शुभ कर्मों के फल स्वरूप ही अत्यंत समृद्ध एवं उन्नत ऐसे जिनशासन की हमें प्राप्ति हुई है।   हमें यह जिनशासन...

एक दर्दनाक सत्यघटना से शुरूआत करते हैं :   जम्मू का एक गरीब परिवार था।   गाय का दूध बेचकर अपना जीवन यापन कर रहा था। शायद अपनी गाय का दूध अपने बच्चे को भी वे नहीं दे पाते होंगे। लॉकडाउन और सब कुछ ऑनलाईन ने कमर तोड़ दी...

( पाटलिपुत्र आने के बाद नगर के प्रवेश के पूर्व एक भव्य प्रासाद को देखकर उस में प्रवेश कर किया । उस मंदिर के खंभे पर चित्र में अंकित स्त्री को देखकर अमर अत्यंत मोहित हो गया और उसे पाने के लिए वियोगभाव से तड़प...

( क्रमांक 1 से 6 तक मूलाधार चक्र ध्यान के मुताबिक ध्यान करने के पश्चात )   फिर विचार कीजिए कि दूर क्षितिज से गहरे नीले, Grey या Navy Blue रंग की कोई चीज अपनी ओर आ रही है। वह धीरे-धीरे निकट आ रही है, बड़ी...

नमस्ते मित्रों !   Faithbook के जरिए हम अरिहंत बनने की यात्रा में अग्रसर हो रहे हैं। दुनिया भर की और सभी पदवीयाँ, संपत्ति से, मेहनत से, बुद्धि से अर्जित की जाती है। परंतु यह 'अरिहंत' पदवी यूं देखे तो बड़ी सरलता से और यूं देखे तो...

सुबह पति जब तैयार होकर घर से बहार निकल रहा था, तब अंदर से उनकी श्रीमतीजी (पत्नी) आयी, उनके हाथ में केशर-बादाम-पिस्तावाला दूध रखा और पत्नी ने कहा “आप यह दूध पीकर ही जाना” पति को कुछ शंका हुई अत: पुछा “लेकिन क्यों ?”   श्रीमती ने...

“सहसा न विदधीत क्रियाम्, अविवेकः परमापदां पदम् ।   वृणुते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्घा: स्वयमेव सम्पद:।।"     छगन : अरे मगन! तुम क्या करते हो?   मगन : मैं कुछ भी नहीं करता, सिर्फ सोचता रहता हूँ। और छगन! तू क्या करता है?   छगन : मैं ज्यादा सोचता नहीं, सिर्फ काम करता हूँ।   दुनिया...

त्रिशला रानी शंकित हो गये, क्योंकि गर्भ का स्पंदन अब बंद हो गया है।   जीवन की कल्पना स्पंदन से होती है, जीवन का अनुभव तो निःस्पंद से मिलता है।   त्रिशला रानी के गर्भ में जो रचना हो रही थी, वो सारी स्पंदन से जुड़ी हुई थी।   लेकिन जिसकी रचना ही नहीं...

एक्स्ट्रा प्लॉट में कचरा एकत्र हो गया हो तो उसकी बुरी असर बंगले पर होती हुई स्पष्ट दिखाई देती है। रोज मिलने वाले दो-चार घण्टे के खाली समय का उचित प्लान न होने के कारण वह कचरा बन जाता है और उसका प्रभाव बाकी के...

आज से वर्षों पहले यदि किसी व्यक्ति को विरोध करने का जुनून सवार हो जाता था, तो वह अपनी अन्तर्व्यथा गुमनाम रूप से पत्रिकाएँ छपवाकर उनके गट्ठे व्याख्यान सभा, देहरासर के चौराहे या जाहिर कार्यक्रम के स्थलों पर छोड़कर चला जाता था।   लेकिन...

कौरव कुल में पहला गर्भ मेरी माता गान्धारी को रहा, किन्तु मैं इतना पापी था कि तीस माह तक प्रसव नहीं हुआ। मेरी माता ने प्रसव हेतु अनेक प्रयास किए, किन्तु सभी प्रयास निष्फल रहे। इतना ही नहीं, मेरे गर्भकाल में मेरी माता को पापों...

त्रिशला रानी के गर्भ में जो भी घटित हो रहा था, उसे अघटित होकर देख रहे थे प्रभु।   विश्व के सर्वश्रेष्ठ परमाणुओं के गठन से शरीर का  संपादन होने जा रहा था।   यही वो शरीर होगा जिसे मेरूपर्वत पर  कोटि कलशों से अभिषिक्त किया जाएगा।   यही वो देह होगी जिसे लेकर...

“पर्वाणि सन्ति प्रोक्तानि, बहुनि श्री जिनागमे । पर्युषणां समं नान्यत, कर्मणां मर्मभेदकृत् ।।”   भूमिका : वर्ष में (साल में) बारह मास होते है। प्राय: ऐसा कोई महिना नही जिसमें कोई पर्व न आता हो। पर्व आत्मा के परिणामों को ऊँचाई पर पहुँचाने वाला श्रेष्ठ आलंबन है। तीर्थस्थान...

अरिहंत भगवंत के द्वारा प्राप्त जिनशासन इतना अद्भुत-अनोखा-अप्रतिम है कि जहाँ निरन्तर आत्मा के ध्येय के साथ जुड़े हुए अनेक योग हमें प्राप्त होते हैं।   जहाँ दोषनाश से कर्मनाश और कर्मनाश से संसार-नाश की श्रेष्ठ कक्षा का सिद्धान्त है।   जहाँ द्रव्य-क्षेत्र-काल से हमारे भाव की चिंता की...

कुछ दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट में एक किस्सा पहुंचा था । झारखंड के वैद्यनाथ मंदिर के दर्शन खोलने हेतु अधिवक्ता ने सुंदर दलील पेश की थी। निष्कर्ष यह था कि ऑनलाइन दर्शन को हम दर्शन नहीं मानते, अतः भगवान के द्वार खोले जाएँ।   पर्युषण के दौरान...

एक बार चार युवक महान फिलोसोफर सॉक्रेटिस से मिलने गए। उनके साथ थोड़ी बात करने के बाद सॉक्रेटिस ने उनको पूछा : आपको भविष्य में क्या बनने की इच्छा है ?   पहले युवक ने कहा : मुझे विज्ञान में विशेष रूचि है और विश्व प्रसिद्ध बनने...

एक महिला टैक्सी में बैठी, ड्राइवर को गंतव्य स्थान बताया, टैक्सी उस स्थान पर पहुँची तो महिला ने किराया पूछा। टैक्सी वाला बोला, ‘50 रूपया’। महिला ने अपना पर्स देखा और पैसे गिने, फिर वापिस टैक्सी में बैठी और बोली, ‘टैक्सी रिवर्स लेना।’ ड्राइवर ने...

उच्च शिखरों से सुशोभित मंदिरों के दर्शन से हमारी आत्मा को अतीव आनंद की अनुभूति होती है। परंतु, यह आनन्द उन शिलाओं का आभारी है, जिन्होंने उच्च शिखरों के निर्माण हेतु भूगर्भ में स्थापित होकर अपना बलिदान कर दिया।   समग्र विश्व में आज जिनशासन का डंका...

  एक विदेशी पुस्तक है –   अ कल्चरल हिस्ट्री ऑफ वेजिटेरियन्स फ्रोम ई.स. 1600 टु मोडर्न टाइम्स ।   इस में लिखा है कि औरंगज़ेब चुस्त शाकाहारी था ।   वह सब्जी और खीचड़ी खाता था और गंगा का पानी पीता था ।   देश की बड़ी होटलों में खीचडी अलमगीरी – इस...

अरिहंत बनने की मार्वेलस जर्नी पर हम नीकले है। हमारा छठा पड़ाव है उपाध्याय पद।   उपाध्याय भगवंत यानी ऐसे प्रज्ञावान साधु भगवंत जो आगमों के अर्क-निचोड़ को भली भाँति जानते है। स्वयं भी निरंतर आगमों के अभ्यास में निरत रहते है, व दूसरों को भी हमेशा...

हेलो फ्रेंड्स !   अरिहंत बनाने के लिए 20 कदमों की  बातें हम कर रहे है। आपको शायद पता ही होगा कि अरिहंत किसे कहते है। नहीं तो हो मैं बता दूं जिन्होंने अपने सभी शत्रुओं को परास्त कर दिया हो उन्हें अरिहंत कहते हैं।   शत्रु बाहर के...

नदी की किनारे पर वटवृक्षों का राज था, एक विशालकाय साँप की केंचुलीओं की तरह सर्वत्र वटवृक्षों की शाखाएँ फैली हुई थी। नदी का गम्भीर किन्तु प्रशान्त जलप्रवाह किनारों पर रेत के अनेकानेक आकर्षक पटलों का निर्माण कर रहा था। जलप्रवाह के उस गम्भीर किन्तु...

संस्कृत का एक सुंदर सुभाषित है।     विपत्तिकाले समुत्थाने, बुद्धिर्यस्य न हीयते।   स एव दुर्गतिं तरति, जलस्थो वानरो यथा।।     इस सुभाषित का कथा वस्तु इस तरह :   एक बंदर जब दरिया में तैर रहा था, तब एक मगरमच्छ ने अचानक आकर पैर से पकड़कर मुँह में ले लिया। बंदर तैरते-तैरते...

!! ‘नष्टं द्रव्यं लभ्यते कष्टसाध्यम्, नष्टारोग्यं सूपचारैः सुसाध्यम् !!   !! नष्टा विद्या लभ्यतेSभ्यासयुक्ता, नष्टा वेला या गता सा गतैव !!   जो द्रव्य, धन या अन्य मूल्यवान चीज नष्ट हो जाए, चोरी हो जाए या खो जाए तो योग्य उपाय करके, पुण्य की अनु-कूलता से या कड़ा पुरुषार्थ...

महाभारत का इतिहास तो भारतवर्ष का चिर-कालीन इतिहास है। अन्य इतिहास तो बदलते रहे हैं, लेकिन यह महाभारत का इतिहास नहीं बदला, इसीलिए रामायण और महाभारत की समीक्षा अन्य काव्य कृतियों की समीक्षा से अलग की जानी चाहिए। यह इतिहास और काव्य अमर बना इसके...

गुणगण सम्राट्, सुविशाल गच्छाधिपति, सिद्धान्त दिवाकर पूज्यश्री के गुणगान करना गुणों के समुद्र से रत्नों का संचय करने जैसा है। वे स्वयं गुणों के महासागर थे। इस अवसर पर ‘अल्पश्रुतं श्रुतवतां परिहास धाम-’ श्लोक याद आ रहा है। परंतु उनके प्रति भक्ति, लगाव व समर्पण मुझे...

  ( क्रमांक 1 से 6 तक मूलाधार चक्र ध्यान के मुताबिक ध्यान करने के पश्चात )   अनाहत = जीवन, यानी Love   7. फिर विचार कीजिए कि दूर क्षितिज से केशरी रंग की कोई चीज आ रही है। वह धीरे-धीरे निकट आ रही है, बड़ी हो रही है।...

मूलाधार चक्र ध्यान की प्रक्रिया में से 1 से 6 क्रमांक तक ध्यान करने के पश्चात )   7. फिर विचार कीजिए कि दूर क्षितिज से पीले रंग की कोई चीज आ रही है। वह धीरे-धीरे निकट आ रही है, बड़ी हो रही है। वह पीला रंग...

ऐसे पुण्यशाली जीव जिन्हें रोज दो-चार घण्टे का Extra Time मिलता है, उन्हें उस Extra Time में धर्म की वृद्धि करनी चाहिए - गुरु भगवन्त ऐसा उपदेश क्यों देते हैं? इस प्रश्न के उत्तर पर हमारी चर्चा चल रही है। पिछले लेख में हमने देखा...

पिछले लेखों में आपने पढ़ा, कि यदि आप पुण्य-शाली हैं और दिन में 3-4 घण्टे काम करके जरूरत से कहीं अधिक कमा लेते हैं, तो आपको बाकी के समय में नए-नए व्यापार आदि लोभ करने और भोग-विलास के बजाय धर्म-साधना बढ़ानी चाहिए।    वैसे भी लोग Extra...

(5) Liberty : Family शब्द का पांचवां अक्षर है L, और यहाँ L stands for Liberty, यानी स्वातंत्र्य, फ्रीडम। लिबर्टी दो प्रकार की होती है, हितकारक और अहितकारक। हितकारक लिबर्टी ही यथार्थ में लिबर्टी है, अहितकारी लिबर्टी वास्तव में गुलामी है।   बेटे या बेटी को जो...

यौवन के शिखर तक पहुँचते हुए मेरा रूप, गुण, चातुर्य और सौन्दर्य सोलह कलाओं सा खिल चुका था। मेरे पिता अंधकवृष्णि आदि बड़े मेरे विवाह के लिए चिन्तित थे, कि मेरे योग्य कुमार कौन होगा? पिता ने ज्येष्ठ पुत्र समुद्रविजय से सलाह की। समुद्रविजय को...

भक्ति, पर्व और उत्सवों का त्रिवेणी संगम है श्रावण मास। रक्षाबंधन के इस त्यौहार की सबसे बड़ी विशेषता है श्रावणी-पूर्णिमा के दिन होना। आज के दिन चन्द्र अपनी श्रेष्ठ पूर्णता पर होता है। हां, आज के दिन बहन द्वारा भाई के हाथ पर बांधी गई...

यह दुनिया रिश्तों के रंगों से चहक उठती है। रिश्तों की खुशबू से ही ये जहाँ महक रहा है। उसमें भी दिल को जो रिश्ता खूब प्यारा और खुशमिज़ाज़ लगता है वह है दोस्ती का। यह रिश्ता खुन का तो नहीं होता लेकिन इसका जज़्बा...

बिजली के चमकारे की तरह अमरदत्त का बचपन देखते ही देखते पूरा हो गया।   “अमर ! आज से तुम्हे विद्याभ्यास करने के लिए गुरुकुल में जाना है। और वहाँ जाने के बाद तु दूसरे बालकों के साथ मिलकर कुछ तोड़-फोड़ मत करना!” श्रेष्ठी-पत्नी अपने पुत्र को...

हेलो फ्रेंड्स !   C.A. बनना मुश्किल हैं,   F.A. बनना उससे भी ज्यादा मुश्किल हैं।   लेकिन परमात्मा बनना तो सबसे ज्यादा मुश्किल है।   इसलिए तो दुनिया के हर एक इंसान चाहे वो C.A. हो चाहे C.F.A., चाहे डॉक्टर हो चाहे इंजीनियर हो, चाहे अमीर हो चाहे शहनशाह हो, वो...

( मूलाधार चक्र ध्यान की प्रक्रिया में से 1 से 6 क्रमांक तक ध्यान करने के पश्चात ) 7. फिर विचार कीजिए कि दूर क्षितिज से केशरी रंग की कोई चीज आ रही है। वह धीरे-धीरे निकट आ रही है, बड़ी हो रही है। वह केशरी...

कुछ दिन पहले समाचार के सभी माध्यमों में  (इलेक्ट्रोनिक मीडिया हो चाहे प्रिन्ट मीडिया हो या सोशल मीडिया हो) तीन दिनों तक लगातार एक खबर बहुत जोरो से ट्रेन्ड हुई।   एक दिन तो फ्रन्ट पेज पर भी वो खबर आ गई। वो खबर थी “गर्भवती हथिनी...

एक मंदिर का निर्माण कार्य शुरू था। किसी ने मजदूर को पूछा “तु क्या कर रहा है?“ उसने कहा “पत्थर फोड़ने की मजदूरी कर रहा हूँ“   दूसरे मजदुर से पूछा “तु क्या कर रहा हैं।” मजदूर ने कहा “पेट भरने के लिए मेहनत कर रहा हु।“   तीसरे...

पाप विपाक नामक प्रथम अध्ययन पर देशना फरमाने के उपरान्त परमात्मा वीर प्रभु ने द्वितीय अध्ययन का प्रारंभ किया।   इस जम्बू द्वीप के भरत क्षेत्र में वाणिज्यग्राम नामक एक नगर था। इस नगर के प्रजाजन अत्यंत समृद्ध व गगनचुम्बी महलों में निवास करते थे। सभी के...

अपनी 1 साल की 50,000 की पूंजी लेकर एक किसान ने मुम्बई की 5 स्टार होटेल में एक रात रहने का सोचा। अपना रौब जमाने के लिए सभी मित्रों को भी इस बात की जानकारी दी। अपनी ग्रामीण वेश-भूषा में धोती-पगड़ी पहनकर सज-धज कर आखिर...

जीवन में कभी भी अमृतपान न किया हो किन्तु फिर भी आम के रसास्वाद से जैसे अमृत की तृप्तता होती है, यथार्थ वैसे ही...

नौका चलाने वाला नाविक, बैलगाड़ी चलाने वाला किसान, स्कूटर, मोटर या ट्रेन चलाने वाला Driver, विमान चलाने वाला Pilot - ये सब यदि अनाड़ी हों, कार्यकुशल न हो ;   सेना का नायक, क्रिकेट टीम का कप्तान, किसी संस्था का संचालक या सेक्रेटरी, राजनैतिक पार्टी...

  (3) Mimicry : The third alphabet in the word ‘Family’ is ‘M’ and here M stands for Mimicry i.e simulation. Slavish imitation is negative imitation and assertive imitation is positive imitation. Chaggan was sitting in a bus. He had a company of a gentleman on another seat. Chaggan...

इस लेखमाला के प्रथम भाग में मार्गानुसारी के 35 गुणों में से पहले गुण ‘त्रिवर्गअबाधा’ का उल्लेख किया था। उसका अर्थ यह था कि धर्म-पुरुषार्थ, अर्थ-पुरुषार्थ एवं काम-पुरुषार्थ इन तीनों के मध्य ऐसा संतुलन बनाये रखना चाहिए कि तीनों में से किसी को भी बाधा...

‘महा’ अर्थात् विशाल और ‘भारत’ अर्थात् भरत के वंशज। इन्हीं भरतवंशीओं के पराक्रम एवं यशो गाथाओं के कारण यह हिन्दवी साम्राज्य भारत के नाम से विख्यात हुआ । महाभारत अर्थात्  महान, श्रेष्ठतम, सर्वोत्तम भारत या भरत के महान वंशजों का इतिहास, उनकी परम्परा की गाथा।...

(3) Mimicry :   Family शब्द का तीसरा अक्षर है M, और यहाँ M stands for Mimicry, यानी अनुकरण।   अंधानुकरण नेगेटिव मिमिक्री है और विवेकपूर्ण अनुकरण पॉज़िटिव मिमिक्री है।   छगन एक बस में बैठा था, पास की सीट पर एक जेंटलमेन आकर बैठा। छगन ने उसे देखा, मई का...

राजतापस के चेहरे पर आनन्द छा गया।   ‘देखो ! कितना सुन्दर बालक है। एकदम आप पर गया है।’ राजतापसी ने राजतापस को सद्यः प्रसूत बालक को दिखाते हुए कहा।   अनुभवी राजतापसी ने सम्पूर्ण प्रसूति कर्म पूर्ण किया। तदुपरांत रोते हुए बालक को स्तनपान कराने लगी। दूध पीकर...

प्रभु महावीर ‘सत्’ को जीने वाले थे। ‘सत्’ उनका जीवन-दर्शन था।   सत् का अर्थ है सत्य, और सत्य का अर्थ है ध्रुव।   जो ध्रुव नहीं है, वह पारमार्थिक सत्य भी नहीं है।   वह मात्र व्यावहारिक सत्य है….।   व्यवस्था संचालन के लिए व्यावहारिक सत्य आवश्यक है।   पारमार्थिक सत्य का व्यवस्था अथवा...

मोक्खेण जोयणाओ जोगो।   आचार्य श्री हरिभद्रसूरिजी म.सा. अपने ‘योग-विंशिका’ ग्रन्थ में कहते हैं कि योग वह है, जो आत्मा को मोक्ष से जोड़ता है।   भौतिक जगत में आत्मा और शरीर के जुड़ाव का माध्यम मन है। इस मन को शरीर से अलग करने का कार्य योग-ध्यान करता...

  सबसे पहले शान्त चित्त होकर पद्मासन या सुखासन में बैठें। फिर तीन मिनिट तक अनुलोम-विलोम करें। इसमें दाहिने हाथ के अँगूठे से दाहिनी नासिका बन्द करें, और बाईं नासिका से लें, फिर दाहिने हाथ की तर्जनी से बाईं नासिका बन्द करके दाहिनी नासिका से...

“आचारः प्रथमो धर्मो, नृणां श्रेयस्करो महान्।  इहलोके पराकीर्तिः, परत्र परमं सुखम् ।।”   Mostly आजकल अनाचार का ही Trend हो गया है। Dressing, Eating, Earning etc. Everywhere अनाचार Spread हो गया है। लोगों की मनोवृत्ति बहुत विकृत हो गई है, इस कारण लोगों की Life अनाचारों से...

माता-पिता के प्रेम का मूल्यांकन करना हमारे बस की बात नहीं है। जिस प्रकार हमारी दोनों आँखों का महत्त्व एक समान है, उसी प्रकार माता और पिता की महिमा भी एक सरीखी है, इसमें तुलना करना सम्भव नहीं है।   माता की तरह पिता भी हमें बहुत...

दूसरा पड़ाव - सिद्ध   Hello Friends !   हम तो चले हैं फिलहाल उस यात्रा पर जहाँ मंजिल पर भगवान खुद खड़े हैं, और बड़ी बेसब्री से हमारा इंतजार कर रहे हैं, बाहें फैलाये हमें खुद की आगोश में समा लेने को आतुर है, प्रभु हमें भगवान...

रत्न का स्थान तिजोरी में और राख का स्थान कचरे के ढेर में होता है। रत्न जैसे जीव शासन की सेवा करते हैं, और राख जैसे जीव संसार में पड़े रहते हैं।    रत्न ढूंढने पर भी कम मिलते हैं, कभी मिलते, कभी नहीं भी मिलते हैं।...

एक भाई मिलने के लिए आए, और बोले, “महाराज जी ! हमारा घर चौमुखी मन्दिर जैसा है।” मैंने पूछा, “कैसे?” तो वे बोले, “चौमुखी मन्दिर में चार प्रतिमाएँ होती हैं, सभी अपनी-अपनी दिशा में होती हैं। हमारा घर भी ऐसा ही है, बेटा घर में...

कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक एवं हिंसक उन्हें मिटाने के नाम पर बनाया टीका होगा    कुछ लोग ऐसा दावा कर रहे हैं कि, कोरोना के सामने लड़ने में श्रेष्ठ शस्त्र उनका टीका (Vaccine) होगा। वैक्सीन के धुर प्रचारक तो यहाँ तक कह रहे हैं कि,...

छगन के घर चोरी हुई, वह पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने गया। पुलिस ने लिखते-लिखते पूछा, “क्या-क्या चोरी हुआ?” तो छगन बोला, “ज्वेलरी, पैसे, सीडी प्लेयर, मिक्सर, ग्राइंडर, फ्रिज, कपड़े, जूते, बर्तन, शो-पीस, डबल बेड, झुमर, कार्पेट …” पुलिस हवलदार लिखते-लिखते परेशान हो गया और बोला,...

Chagan's house was stolen, he went to write a report to the police. While writing, the police asked, "What was stolen?" So Chagan said, "Jwellery, money, CD player, mixer, grinder, fridge, clothes, shoes, utensils, show-piece, double bed, chandelier, carpet ...

प्रभु ने मृगापुत्र का दृष्टान्त विस्तार से बताना शुरू किया।   इसी जम्बूद्वीप के भरत क्षेत्र में मृगाग्राम नामक एक नगर था, वहाँ विजय नामक क्षत्रिय राजा राज्य करता था। उसकी पत्नी का नाम मृगा था। वह अत्यन्त रूपवती स्त्री थी। सांसारिक सुख भोगते हुए उन्हें एक...

हम प्रथम प्रश्न के जवाब पर विचार मन्थन कर रहे थे।    जो लोग पुण्यशाली हैं, 3 - 4 घण्टे व्यवसाय करके इतनी कमाई कर लेते हैं, कि खर्च तो आराम से निकल जाता है, उपरान्त सम्मानजनक पूँजी भी एकत्र हो जाती है। ऐसे भाग्यशालियों को खाली...

युगादिदेव ऋषभदेव भगवान के भरतादि सौ पुत्र थे। उनमें से एक कुरु नामक पुत्र भी था। इसी कुरु के नाम से कुरु देश प्रसिद्ध हुआ था। कुरु के पुत्र हस्ति के नाम से हस्तिनापुर को बसाया गया। इस हस्तिनापुर के सिंहासन पर अनेक पुण्य-प्रतापी, शूरवीर...

छगन : मेरा चिंटू देश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज के रिसर्च विभाग में है।   मगन : अच्छा !! वह क्या काम करता है ?   छगन : रिसर्च सेंटर में रिसर्च करने वाले विद्यार्थी जो आधी जली सिगारेट, बिस्किट के पैकेट, रैपर आदि फेंक देते हैं, उन्हें...

कहा जाता है, कि प्रवास के पूर्व एक बार प्रार्थना करनी चाहिए, युद्ध के पूर्व दो बार और विवाह के पूर्व तीन बार प्रार्थना करनी चाहिए।   प्रवास के पहले की गई प्रार्थना से शुभ भाव प्रकट होते हैं, जिसके बल पर प्रवास निर्विघ्न सम्पन्न होता...

अमरदत्त एवं रत्नमंजरी के मस्तिष्क में अलग-अलग घटनाएं बहुत तेज गति से चलचित्र की भांति चलायमान हो रही थीं… सत्यश्री… क्षेमं-कर… चन्द्रसेन… पुत्रवधू… मुसाफिर… गुस्सा… मुनि… गोचरी … प्रशंसा… बिजली…।   चिन्तन की इस प्रक्रिया में उनके श्वास उखड़ने लगे-   मरण… विनाश… अंधेरा… बस अंधेरा...

 !! “प्रत्यहं प्रत्यवेक्षेत, नरश्चरितमात्मनः !!   !! किं नु मे पशुभिस्तुल्यं, किं वा सत्पुरुषैरिति !!     जगत में देखने वाले लोग बहुत हैं, जगत को    (पर को) देखने वाले लोग भी बहुत हैं, किन्तु निरीक्षण करने वाले लोग कम हैं। इसके  अलावा स्वयं का निरीक्षण करने वाले तो और भी...

When Dileep bhai reached office, all staff members stood up from their seats. Peons, Clerks, managers - everyone was amazed. Dileep bhai took his handkerchief and did 2 things- first covered his face and then wiped his tears. No one could ask anything. Quickly Dileepbhai...

Life को Change करने वाले लेख जीवन को नई दिशा देंगे।   दिलीप भाई ऑफिस पहुँचे, पूरा स्टाफ अपनी सीट से खड़ा हो गया, प्यून, क्लर्क, मैनेजर - सबकी आँखों में आश्चर्य था। दिलीप भाई ने रूमाल निकाला और उससे दो कार्य साथ में किए, एक चेहरा...

आन्तरिक सौंदर्य की चित्ताकर्षक मोहकता जिनके हर कदम पर अनावृत थी, जिनकी आत्मनिष्ठ अदा से  घायल होते थे सब समझदार, वे हो जाते थे उनके पीछे कायल और कायल बनने के बाद पागल।   उस में भी उन्हें ऐसा लगता था, कि यह पागलपन ही समझदारी का असली फल है। भौतिक जगत में...

नमस्ते फ्रेंड्स !   मुझे मालूम है कि आपको थोडा अजीबो गरीब लगेगा, पर अभी बायडिफोल्ट कोरोना के चीनी ड्रैगन ने सभी को हाय और हेल्लो पर से नमस्ते पर लाकर रख दिया है।   So that is Corona effect...

मोक्षेण योजनात् योग:।    हमारा किया हुआ वो ही धर्म "योग" बन सकता हैं, जो हमें मोक्ष के साथ जोड़े। उसके लिए पूज्य महोपाध्याय श्री यशोविजयजी म.सा ने योग-विंशिका ग्रंथ में पांच प्रकार के "आशय" बताये है। उसमें प्रथम आशय "प्रणिधान" बताया है।   प्रणिधान यानि संकल्प। संकल्प की...

सादर प्रणाम,   प्रभु महावीर के अद्भुत सिद्धांत को अखिल विश्व में फैलाना है, जिससे विश्व में शांति-करुणा-प्रेम और सौहार्द का माहौल बने।   हमारा प्रयास है कि आप तक अनेक प्रकार के माध्यमों से प्रभु वचनों को पहुंचाया जाए। इसलिए हमारा पुरुषार्थ भी जारी है।   अभी का हमारा प्रयास...

प्रणाम !   वीर विभु के केवलज्ञान कल्याणक से शुरू हुई इस ज्ञानयात्रा का सबने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रथम Knowledge Book का सबने हृदय से स्वीकार किया, इस बात का हमें अन्तर्मन से अपार आनन्द है।   प्रथम Knowledge Book के लेखों से वाचक वर्ग अत्यन्त आश्चर्यचकित हुआ,...

सृजनहार का सर्वोत्कृष्ट सृजन है - माँ। वात्सल्य-मूर्ति माँ के प्रेम की चाहत तो जगत के नाथ को  भी होती है। श्री पार्श्वनाथ भगवान भी पूर्वभव में देवलोक से पृथ्वीलोक पर माता का मुख देखने के लिए आए थे। जिस माता की कुक्षी से वे...

वर्तमान में पूरे विश्व में लगभग 650 अलग-अलग धर्म अस्तित्व में हैं। पहले 40 - 50 धर्मों में नारी को साधुता या संतत्व की दीक्षा प्राप्त होती थी।   समय की बहती धारा में आचार की शिथिलता, मोह के विलासों और अध्यात्म की विमुखता के कारण अधिक-तर...

कार्तिक अमावस की रात्रि के दो प्रहर बीत चुके थे, तीसरा आरा समाप्ति की कगार पर था, सोलह प्रहर से भी अधिक समय तक समवसरण में लगातार देशना देकर प्रभु ने विराम लिया तो मानो गंगा का प्रवाह थम सा गया, मानो मन्दिर में घण्टनाद...

एक मेडिकल स्टोर पर बड़ा बोर्ड लगाया गया था, यदि लाभ न हो तो दवाई के पैसे वापिस दिए जाएंगे…।   किसी ने वहां से दवाई खरीदी थी। 4 दिन के बाद वह आदमी पैसे वापिस लेने आया तो मेडिकल स्टोर वाले ने पुनः बोर्ड पढ़ने का...

प्रणाम, हृदय अत्यन्त आनन्दित है।   क्योंकि पूज्यपाद सुविशाल गच्छाधिपति श्री जयघोष सूरीश्वरजी महाराजा का एक स्वप्न आज साकार हो रहा है। और ऊपर से सोने में सुहागा, कि शासनपति श्री महावीर स्वामी भगवान का केवलज्ञान कल्याणक  और शासन स्थापना (वैशाख सुदी ११) के पर्वोत्सव पर सम्यक्ज्ञान का...

केवलज्ञान कल्याणक   केवलज्ञान प्राप्त करना आसान नहीं होता। भयंकर राक्षस जैसे अज्ञान और मोह रूपी आन्तरिक शत्रुओं से प्रचण्ड समता और विवेकपूर्वक दीर्घकाल तक लड़कर मोह आदि का क्षय करने के बाद ही केवलज्ञान की अनमोल उपलब्धि मिलती है।   मोह यानी खान-पान, मान, काम आदि व्यसनों के...

प्रश्न : प्रवचनों में सदैव धन-त्याग, धन-मूर्च्छा त्याग आदि तथा व्यापार-धन्धे की बजाय धर्म-कार्य में अधिक समय देने की बातें की जाती है। और दूसरी ओर उपदेश देने वाले ही दान देने की प्रेरणा भी देते हैं। ट्रस्टीगण फण्ड, बोली, चढ़ावे आदि के द्वारा पैसे...

  प्रस्तुत है भीष्म पितामह, कुरुवंश के आदरणीय वरिष्ठ महापुरुष। आइए सुनते हैं, इन्हीं की भाषा में, कि ये क्या कहते हैं:   श्री नेमिनाथ भगवान के शासन में हमारा राजवंश फला-फूला।   अरे ! उनका ही परिवार कहो, तो भी चलेगा।   पृथ्वी पर उनकी विद्यमानता में ही महाभारत...

जैनत्व के संस्कारों से सुवासित प्रभु महावीर के अनुयायी सभी संघ, सभी सम्प्रदाय, सभी गच्छ, सभी समाज, सभी ट्रस्ट सामूहिक या व्यक्तिगत स्तर पर कोरोना Covid-19 की वर्तमान परि-स्थिति में पंच-महाव्रतधारी श्रमण-श्रमणियों की भक्ति, सम्यक्द्रष्टि पुण्यात्माओं की भक्ति, आव-श्यकतानुसार अन्य लोगों को राहत-अनुकम्पा, जीवदया इत्यादि...

आज यह लेख लिखते हुए अत्यंत आनंद अनुभव हो रहा है, क्योंकि आज का लेख संजीवनी पर है। वो संजीवनी नहीं, जो हनुमान लक्ष्मण के लिए लेने गए, ये संजीवनी तो उससे भी विशिष्ट है। आपको शायद यह महसूस हो, कि ऐसी संजीवनी तो किसी...

Faithbook Editor   Faithbook knowledge book एक ऐसी knowledge book है जिसमें आगम, अध्यात्म, इतिहास, नवलकथा, Short Stories, आहार आदि विविध विषयों पर प्रभु वीर के सिद्धान्तों को केन्द्र में रखते हुए लेख प्रकाशित किए जाते हैं। ताकि हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए, हमें सच्ची दिशा...

× CLICK HERE TO REGISTER