ACwAAAAAAQABAAACADs=

TIME IS DEVINE CURRENCY

 

‘नष्टं द्रव्यं लभ्यते कष्टसाध्यम्, नष्टारोग्यं सूपचारैः सुसाध्यम् ।

नष्टा विद्या लभ्यतेSभ्यासयुक्ता, नष्टा वेला या गता सा गतैव। ।

 

जो द्रव्य, धन या अन्य मूल्यवान चीज नष्ट हो जाए, चोरी हो जाए या खो जाए तो योग्य उपाय करके, पुण्य की अनुकूलता से या कड़ा पुरुषार्थ करके पुनः पाई जा सकती है। भूतकाल में ऐसे अनेक प्रसंग हुए हैं, वर्तमान में हो रहे हैं, और भविष्य में होते रहेंगे कि अपनी सारी धन-सम्पत्ति खो देने वाले व्यक्ति कड़े परिश्रम से पुनः धनवान बने। हाथ से गया राज्य भी पुनः प्राप्त किया जा सकता है। पाण्डवों ने भी जुए में हारा हुआ राज्य महाभारत के युद्ध द्वारा पुनः जीत लिया था। ऐसे अनेक प्रसंग हुए हैं।

 

नष्ट हुआ आरोग्य भी विशेषज्ञ वैद्य के मार्गदर्शन और सुयोग्य उपचार के द्वारा पुनः प्राप्त किया जा सकता है। अनेक असाध्य रोगों से घिरा होने के कारण जिसका उपनाम ही ‘रोगिया’ पड़ गया था, वह राघव नामक युवक सुप्रसिद्ध विशेषज्ञ वैद्य श्री झण्डूभट्ट जी के मार्गदर्शन में छः वर्ष के कठोर पथ्यपालन आदि उपचारों से पुनः सुचारु आरोग्यवान बना। और फिर तेजस्वी स्वस्थ युवक बना।

 

नाश हुई, या भूली हुई विद्या और ज्ञान भी अभ्यास, पुनर्वाचन, पुनरावर्तन, पठन आदि के द्वारा पुनः प्राप्त की जा सकती है।

 

(१) नष्ट हुई सम्पत्ति, (२) नष्ट हुआ आरोग्य और (३) नष्ट हुई विद्या कठोर परिश्रम करके पुनः प्राप्त की जा सकती है। किन्तु …

 

यदि समय नष्ट हो गया, तो वह गया, अब वह वापिस नहीं आ सकता।

 

जैसे धनुष से निकला बाण वापिस नहीं आता,

 

शरीर से निकला प्राण वापिस नहीं आता,

 

वैसे ही बीत चुका समय भी वापिस नहीं आता।

 

केलेण्डर के फटे कागज को चिपकाने से बीता हुआ दिन वापिस नहीं आता। गंगा नदी में खड़े रहने पर जो पानी एक बार पैर के ऊपर से निकल गया, वह भी वापिस लौट कर नहीं आता, जो आ रहा है, वह नया ही होता है।

 

English में सुभाषित है, Time and tide wait for none. (समय और तूफान किसी की राह नहीं देखते)

 

‘जो किसी का इंतजार नहीं करता, जो हमेशा चलता रहता है,

जो लौटकर कभी वापिस नहीं आता, उसका नाम ‘समय’ है।’

 

अत्यन्त आश्चर्यजनक और नितान्त सत्य तो यह है, कि पैसे से समय बताने वाली घड़ी अवश्य मिल सकती है, किन्तु पैसे आने से बीता हुआ समय कभी नहीं मिल सकता। World के Top Ten या Top Hundred में आने वाले धनी लोग यदि सारी सम्पत्ति भी दे दें, तो भी बीते समय को नहीं खरीद सकते, पुनः प्राप्त नहीं कर सकते। इस बात से यह स्पष्ट होता है, कि समय अमूल्य धन है। धन-सम्पत्ति से भी अधिक कीमती है।

 

आइज़ेक न्यूटन ने कहा है, ‘एक क्षण भी व्यर्थ मत करो, जीवन रेत की तरह सरक रहा है, समय अमूल्य धन है।’

 

इसलिए समय को अनमोल मानकर समय के मामले में Seriously Alert होने की जरूरत है।

 

एक पुस्तक में समय के सन्दर्भ में कुछ मार्मिक Points पढ़े –

 

Kill the time, Waste the time, Pass the time, Use the time.

 

इन सभी Points को समझते है :

 

(1) Kill the Time (समय का खून करना) : जब भी आप अपना आलोक और परलोक दोनों बिगड़े, दोनों का नुकसान हो ऐसा कुछ करते हैं, या पुण्योदय के कारण शायद इहलोक न भी बिगड़े, किन्तु परलोक अवश्य खराब हो, ऐसी प्रवृत्ति करते हैं, तब-तब आप समय का कत्ल करते हैं। Example: गन्दी Movies देखना, जुआ खेलना, व्यभिचार करना, शराब पीना आदि।

 

(2) Waste the Time (समय बर्बाद करना) : जब भी आप अपने इहलोक का थोड़ा-बहुत नुकसान हो ऐसा कुछ करते हैं, तब-तब आप समय बर्बाद करते हैं। Example : Mobile का अनावश्यक और अधिक समय तक इस्तेमाल करने से (1) आँखों या शरीर के अन्य अंगों को नुकसान होता है, (2) Students की पढाई कम होने से पढाई का नुकसान होता है, (3) युवकों का Business आदि से ध्यान भटकने पर Income का नुकसान, (4) Relations में इसकी वजह से हो रहे मनमुटाव आदि का नुकसान होता है etc. यह, या फिर ऐसी अन्य प्रवृत्तियों द्वारा इस लोक में होने वाले नुकसान को समय की बर्बादी मान सकते हैं।

 

(3) Pass the Time (समय बिताना) : जब भी आप अपने निरर्थक प्रवृत्ति करते हैं, जिससे इहलोक का कुछ खास नुकसान नहीं होता, तब-तब आप सिर्फ समय बिता रहे हैं। Example : रात में या छुट्टी वाले दिन Friend Circle के साथ बैठकर गप्पें हांकना, TV देखना, Mobile में Game खेलना आदि।

 

(4) Use the Time (समय का सदुपयोग करना) : जब भी आप अपना आलोक और परलोक से जुड़े स्व और पर को हितकारी प्रवृत्ति करते हैं, तब-तब आप समय का सदुपयोग करते हैं। Example: कोरोना के विषम समय में अनेक Doctor और Police आदि ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपना फर्ज निभाया और सबके संरक्षण का कार्य किया, या इस प्रकार परार्थ की प्रवृत्ति करने वाले अन्य लोगों ने भी समय का सदुपयोग किया। जो लोग सर्वज्ञ प्रभु महावीर के वचनानुसार प्रभु दर्शन, पूजा, सामायिक आदि धर्माराधना कर रहे हैं, वे भी समय का सदुपयोग कर रहे हैं।

 

Clock makes a sound as ‘tik-tik’

But listen it carefully, it’s not ‘tik-tik’

It’s real sound is, ‘quick-quick’

because time is precious,

so make best use of it.

 

जो लोग समय का सदुपयोग कर रहे हैं, उनके लिए यह निश्चित तौर पर कह सकते हैं, कि Time is devine currency, जो इस लोक और परलोक, दोनों जगह Valuable है।

 

Please save the time, and use the time.

About the Author /

[email protected]

प्राचीन साहित्यों में तीन चीजों को रत्न की उपमा दी गई है, जल, अन्न और सुभाषित। इनमें से सुभाषित रत्न का जगमगाता प्रकाश पू. मुनि भगवन्त हमारे समक्ष लेखमाला के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। संस्कृत से संस्कृति का सन्देश देने वाला यह लेख युवावर्ग बड़े चाव से पढ़ेगा।

Post a Comment

× CLICK HERE TO REGISTER